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Monday, 4 May 2020

तू क्या जाने

तू क्या जाने
जब किसी को मान लो दिल से अपना
जब बन जाये बस वही आखिरी सपना
तो अधूरेपन का अहसास होता है
जब वो नहीं अपने साथ होता है।

तू क्या जाने
कि जब आदत हो जाए किसी के आहट की
सिहरन सी उठे और बढ़ जाए घबराहट सी
अब बस याद रहे वो बीता पल
आश में एक दिन आएगा वो कल

तू क्या जाने
कि जब दिल धड़कने लगे बेसुमार
याद तेरी ही बस आए यार
अब भी जो धड़क जाए गलती से
यार आज़ाद करदे मुझे कट्टी से

तू क्या जाने
कि जब रातों में नींद नहीं आती
जागती रहती बस तेरी याद आती
जो छोड़ के गया है तो
जो कभी वापस आ गया तो...

तू क्या जाने
कि जब याद तेरी हद से बढ़ जाती है
तो शब्दों का सहारे काव्य रच जाती है
अहसासों का बखान कर
हल्का हो जाता है मन

Wednesday, 19 February 2020

हाँ मैं मीरा हूँ

हाँ मैं मीरा हूँ
मीरा के जैसी हूँ
हाँ मैं मीरा हूँ...

कन्हैया सा मेरा प्रियतम दूर है
मैंने भी बस देखी तस्वीर है
कन्हैया सा है रंग साँवरा
दिल में मेरे बस उसी की पीर है

हाँ मैं मीरा हूँ
मीरा के जैसी हूँ
हाँ मैं मीरा हूँ...

मीरा के जैसी हूँ मैं प्रेमदिवानी
चाह मेरी भी किसी ने न जानी
पागल पागल घूमूँ मीरा सी
मीरा सी है मेरी कहानी

हाँ मैं मीरा हूँ
मीरा के जैसी हूँ
हाँ मैं मीरा हूँ...

मीरा सी ही बिरह की मारी
मीरा सी मैं भी दुखियारी
प्रियतम को मैंने खुदा है माना
भूल गई मैं भी दुनियादारी

हाँ मैं मीरा हूँ
मीरा के जैसी हूँ
हाँ मैं मीरा हूँ...

रोज ही पीती ज़हर का प्याला
नहीं कोई मेरा रखवाला
प्रियतम मेरा दूर बसा है
दिल भी मैंने उसी पर हारा

हाँ मैं मीरा हूँ
मीरा के जैसी हूँ
हाँ मैं मीरा हूँ...

बिरह को गीत पिरोती रहती
तेरे लिए बस रोती रहती
तू क्या जानें प्रीत मेरी
तेरे बारे में बस सोचती रहती

हाँ मैं मीरा हूँ
मीरा के जैसी हूँ
हाँ मैं मीरा हूँ...

कृष्ण प्रेम में मीरा पागल
मैं भी पागल हो जाऊँगी
मीरा तो गोलोक गई
क्या मैं भी तुझको पा पाऊँगी

हाँ मैं मीरा हूँ
मीरा के जैसी हूँ
हाँ मैं मीरा हूँ...

Tuesday, 4 February 2020

एक टच से

मैसेज मैंने लिख लिया
जो कहना था कह दिया
कुछ बातें अभी जो बाकी थीं
वो सारी बातें लिख दिया
तुझ तक पहुँचती वो सारी बात
दूर हैं बस एक टच से।
तू फिर से ब्लॉक कर देगा मुझे
डरती हूँ बस इसी सच से।।

कितनी बार मैसेज लिखा और डिलीट किया
कितनी बार मैंने खुद पर कंट्रोल किया
कितनी बार आखिरी ज़द का सोचा
और कितनी बार कमजोरदिल को मजबूत किया
खत्म हो जाता ये सब, पर पता नहीं
क्यों इतना डरती हूँ बस एक टच से।
इसलिए कि तू फिर से ब्लॉक कर देगा मुझे
हाँ डरती हूँ बस इसी सच से।।

एक समय था जब तुझे ऑनलाइन देखकर
धड़कनें तेज हो जाती थी
और तेरे सोचने से पहले मैं मैसेज
और कॉल कर जाती थी
आज वो समय है जब 24/7
रहता है तू मेरे दिल में
फिर भी तुझे एक मैसेज करने से पहले
क्यूँ इतना डर जाती हूँ
कि मैसेज हजारियों बार लिखती
और डिलीट कर जाती हूँ
क्या पता तुझे कितना मुश्किल है
खुद को दूर करना इस टच से।
पर तू फिर से ब्लॉक कर देगा मुझे
डरती हूँ बस इसी सच से।।

क्या तुम वही हो जिससे
होती थी घण्टों बातें
और बिना प्लानिंग के
अक्सर हो जाती थी मुलाकातें
मुलाकातें नहीं वो
सपना था जो पाले थे मैंने
तेरी याद में क्या कहूँ
कैसी बीतती थी मेरी रातें
अब देख ना सब कुछ बदल गया
अब दूरी भी नहीं मिटती टच से।
क्योंकि तू फिर से ब्लॉक कर देगा मुझे
मैं डरती हूँ बस इसी सच से।।

Thursday, 23 January 2020

हमने तो बस इश्क किया था

हमने तो बस इश्क किया था
फिर बिमार कैसे हो गए
और तूने तो बस खेल खेला था
फिर मेरे जीने का आधार कैसे हो गए

हालात तो हैं बदलते रहते
पर हम ना क्यूँ बदल पाए
तू बस चुका है मुझमें ऐसे
कि तेरे बिन ना हम संभल पाए
फिर सोचा चलो जी लेंगे तेरे बिना
तो अब लाचार कैसे हो गए
और तूने तो बस खेल खेला था
फिर मेरे जीने का आधार कैसे हो गए

हादसे होते रहते हैं ज़िन्दगियों मेंं लोगों के
तू हादसा ही था मेरी ज़िन्दगी का
कुछ बातें अपने बस में नहीं होतीं
कभी आसरा होता है खुदा की बंदगी का
प्यार किया था सिर्फ प्यार तुमसे
तो फिर गुनहगार कैसे हो गए
और तूने तो बस खेल खेला था
फिर मेरे जीने का आधार कैसे हो गए

कभी सोचा था कि मुझसी पागल मिलेगी कभी
जो बस तुझको ही दुनिया संसार मानेगी
ज़िन्दगी के बहाने ढूढेगी तुझसे
तुझे ही जीवन का आधार मानेगी
नहीं ना क्यूँके तूने खेला था खेल
फिर मेरे दिलदार कैसे हो गए
हाँ और तूने तो बस खेल खेला था
फिर मेरे जीने का आधार कैसे हो गए

रूठ गई मेरी खुशियाँ अब तो
जब से रूठ के गया है तू
रूठा था या ढोंग किया था
या मुझे छोड़ने का बहाना किया है तू
आह बहती रही बिन धार प्रवाह के
प्यार में वो कतवार कैसे हो गए
और तूने तो बस खेल खेला था
फिर मेरे जीने का आधार कैसे हो गए

इस मिट्टी के ज़िस्म की चाह थी तुमको
पति पत्नी का खेल खेलना था तुमको
तो कर लेते ना शादी मुझसे
क्या इतना भी हक नहीं था मुझको
हाँ शादी की ही बात तो की थी
फिर तुम कितने लाचार कैसे हो गए
पर तूने तो बस खेल खेला था
फिर मेरे जीने का आधार कैसे हो गए

इस नश्वर ज़िस्म की चाह में प्यार मेरा ठुकरा दिया
ख्वाहिशें थी हजार मेरी भी ठोकर मार कर बिखरा दिया
नहीं जाना था प्यार है या बस वासना का खेल है
छूना छुआना तो होना ही था पहले ही झटका दिया
प्यार को प्यार समझना क्या इतना मुश्किल है
तो फिर ये सारे रिश्ते ईमानदार कैसे हो गए
उफ् भूल गई तूने तो बस खेल खेला था
पर मेरे जीने का आधार कैसे हो गए

पत्नी सा अधिकार भी देते

पति के जैसा प्यार चाहिए था
तो पत्नी सा अधिकार भी देते
कोई अंगुली ना उठा पाता मुझ पर
ऐसा तुम सम्मान भी देते.

बातों से मन भरता नहीं अब
मुझे छूने का अधिकार चाहिए
प्यार करो बेहद मुझसे तुम
रिश्ते का वही विस्तार चाहिए
जी जाऊँ मर करके भी
ऐसा तुम मुझे प्यार भी देते
कोई अंगुली ना उठा पाता मुझ पर
ऐसा तुम सम्मान भी देते.

तो करो ना कुछ ऐसे जतन
कि टूट जाएं सारे बंधन
मैं तुझमें मिल जाऊँ ऐसे
हो जाए गंगा यमुना का संगम
मैं खो जाती तेरे रंग में
कोई ऐसा रंग तुम डाल तो देते
कोई अंगुली ना उठा पाता मुझ पर
ऐसा तुम सम्मान भी देते.

किस अधिकार से तुझमें समाऊँ मैं
बता हक तुझ पर कैसे जताऊँ मैं
प्यार काफी है तुझे छूने को.. हाँ
प्यार की गारण्टी बता किसे बनाऊँ मैं
चाह भी है और प्यार भी है
इस प्यार को तुम पहचान तो देते
कोई अंगुली ना उठा पाता मुझ पर
ऐसा तुम सम्मान भी देते.

तुमसे प्यार करती हूँ मैं जानती हूँ
मेरे परिवार की भी इज्जत है मैं मानती हूँ
मुझे तो चाहिए तुम दोनों का प्यार
किसी एक को भी नहीं हारना मैं चाहती हूँ
हाँ चाहत है गर ओयो की तो
सिन्दूर बिन्दी संग लाल चुनरी सर पे डाल तो देते
और मेरी भी मर्यादा है
इसका तुम सम्मान तो करते
कोई अंगुली ना उठा पाता मुझ पर
ऐसा तुम सम्मान भी देते.

पति के जैसा प्यार चाहिए था
तो पत्नी सा अधिकार भी देते
कोई अंगुली ना उठा पाता मुझ पर
ऐसा तुम सम्मान भी देते.

Friday, 3 January 2020

रानी बना कर रखने वाला

रानी बना कर रखने वाला
यूँ अजनबी मुझसे हो गया कैसे
जो कहता था मर जाऊँगा तेरे बिना
यूँ भूलकर मुझे जी रहा होगा कैसे

कहता था कदमों में दुनिया झुका दूँ
तू कह ज़रा खुद को तुझ पे लुटा दूँ
ये दुनिया कुछ भी नहीं मेरी तेरे सिवा
तू छोड़के जो जाएगा तो खुद को मिटा दूँ
जो लिखा था उसने खुद से ही
उसे खुद ही मिटाया होगा कैसे
जो कहता था मर जाऊँगा तेरे बिना
यूँ भूलकर मुझे जी रहा होगा कैसे

मैं तो अबोध थी बड़ी नादान भी
जो उसकी हर बात को सच मानी
जो वजह भी बताई होती मुझे छोड़ जाने की
हाँ मैं उसे भी सच ही मानती
पर जाने से पहले एक लफ्ज न बोला
मेरी गलतियों का कोई राज न खोला
फिर भी माफी तो मैंने माँगी थी
तब भी वो न जाने चला गया कैसे
जो कहता था मर जाऊँगा तेरे बिना
यूँ भूलकर मुझे जी रहा होगा कैसे

उसे बेवफा कहूँ या खुद को गुनहगार
जानेसे पहले बताया तो होता क्या है मेरा अपराध
या तुम्हारी भी आदत थी नैपकिन सी लड़कियाँ बदलने की
या अब फीका लगने लगा था तुम्हें मेरा प्यार
आई तो होंगी और भी लड़कियाँ तुम्हारी ज़िन्दगी में
बाहों में लेते उन्हें मेरी याद ना आई होगी कैसे
जो कहता था मर जाऊँगा तेरे बिना
यूँ भूलकर मुझे जी रहा होगा कैसे

Thursday, 2 January 2020

फौजी सी मौत

मृत्यु सभी की आनी एक दिन
पर आए ऐसी हे भगवान
मैं सोया रहूँ पुष्प सेज पर
रो रहा हो सारा जहान...

जब से मैंने होश संभाला
गरीबी देखी कंगाली देखी
दो वक्त की रोटी के लिए
मजदूरी और भंगारी देखी
फिर भी नहीं चाहूँ मैं सोना चाँदी
न सुख सुविधा का कोई सामान
बस इतना ही कर दो हे भगवान
पूरे हो जाएं सारे अरमान
बस मैं सोया रहूँ पुष्प सेज पर
रो रहा हो सारा जहान...

पढ़ लिखकर कुछ बड़ा करूँ
ऐसे कहाँ मेरे हालात
बस इतना ही बना दे मुझको
के पास कर लूँ सारे इम्तहान
और भले बनूँ ना टाटा बिरला
न अम्बानी सा महान
बस इतना ही कर दो हे भगवान
पूरे हो जाएं सारे अरमान
बस मैं सोया रहूँ पुष्प सेज पर
रो रहा हो सारा जहान...

सपना मेरा ज्यादा बड़ा नहीं
चाह मेरी बस छोटी है
रियल लाइफ का हीरो बना दो
ख्वाहिश मेरी इतनी ही है
हाँ नहीं होना मुझे फेमस वेमस
नहीं छूना मुझे आसमान
बस इतना ही कर दो हे भगवान
पूरे हो जाएं सारे अरमान
बस मैं सोया रहूँ पुष्प सेज पर
रो रहा हो सारा जहान...

राजनेताओं सा भाषण नहीं
मेरा कर्म ही मेरी पहचान हो
मैं चलूँ तो दल बल साथ चले
हर नज़र में मेरे लिए सम्मान हो
जय जयकार के नारों से
गूँज रहा हो पूरा आसमान
बस इतना ही कर दो हे भगवान
पूरे हो जाएं सारे अरमान
बस मैं सोया रहूँ पुष्प सेज पर
रो रहा हो सारा जहान...

भारत का सर्वोच्च सम्मान मिले
हर दुआ में मेरा नाम मिले
हर आँसू पर मेरा लिखा हो
हर ग़ज़ल में मेरा नाम सजे
और तिरंगे में लिपटा रहूँ मैं
हर तरफ हो बस मेरा गान
बस इतना ही कर दो हे भगवान
पूरे हो जाएं सारे अरमान
बस मैं सोया रहूँ पुष्प सेज पर
रो रहा हो सारा जहान...

देश मेरा मेरी जान से प्यारा
देश की रक्षा फर्ज हमारा
देश पे मिटने वाला देखो
चमकता है बन के सितारा
जिऊँ तो मैं देश के खातिर
मरने पर हो मेरा सम्मान
बस इतना ही कर दो हे भगवान
पूरे हो जाएं सारे अरमान
बस मैं सोया रहूँ पुष्प सेज पर
रो रहा हो सारा जहान...

फौजी बनना बनकर भी शहीद होना
होती बड़ी गौरव की बात
भूल तो जाते कुछ दिनों के बाद लोग
पर एक्कीस तोपों की सलामी का अलग अंदाज
लगता है मरना सफल हो गया
अब कुछ नहीं है इसके बाद
बस इतना ही कर दो हे भगवान
पूरे हो जाएं सारे अरमान
सिर्फ मैं सोया रहूँ पुष्प सेज पर
रो रहा हो सारा जहान...

ऐसी ही होती शहीदों की विदाई
जब देश के लिए मिट जाते हैं
देश में तो वीरों की कमी नहीं
यहाँ भावों में मिल जाते हैं
यहाँ राजनीति की बिसात में
सिर्फ वीर ही बिछाए जाते हैं
देश पर मरने के जज्बे में
सही गलत भी समझ नहीं पाते हैं
अब बस हाथों में तिरंगा हो
हो भारतमाता का गान
बस इतना ही कर दो हे भगवान
पूरे हो जाएं सारे अरमान
मैं सोया रहूँ पुष्प सेज पर
रो रहा हो सारा जहान...

वीर को वीर बताने
देश की जनता उमड़ पड़े
मीडिया वाले भी आएं
कि हमको भी कोई खबर मिले
राजनेता भी आएं ऐसे
कि हमारा भी थोड़ा नाम हो
फिर भले ही कोई खबर न ले
किस हालत में सब सड़ रहे
अभी तो उमड़े लाखों की भीड़
सब गाए बस मेरा गान
बस इतना ही कर दो हे भगवान
पूरे हो जाएं सारे अरमान
मैं सोया रहूँ पुष्प सेज पर
रो रहा हो सारा जहान...

देश का कर्ज तो हम पर ही है
हमने ही इसे चुकाना है
और बाकी तो राज करेंगे
बस हमें ही फर्ज निभाना है
राजनीति के चक्कर में शायद
मोहरा हमें बना दिया जाय
पर हम हो वीर सिपाही फौजी
जिसे सबकी लाज बचाना है
बस जन्मभूमि की सेवा करते
मेरा भी हो जाए कल्याण
बस इतना ही कर दो हे भगवान
पूरे हो जाएं सारे अरमान
बस मैं सोया रहूँ पुष्प सेज पर
रो रहा हो सारा जहान...

इस पर भगवान खुश होकर बोले
देखो पगले मेरी बात सुनो
फौजी बनना आसान नहीं
माँ बाप परिवार छोड़कर
घरबार छोड़ना आसान नहीं
तू माँग ले मुझसे कोई और वचन
देश के लिए मरना भी आसान नहीं

जो जिद करेगा तो सुनले बच्चे
ठीक है तू मर भी ले
क्या कीमत देश चुका पाएगा
तू शहीद अमर तो हो जाएगा
क्या परिवार सहन कर पाएगा

इस पर गर्व से बोला बच्चा
फौजी का परिवार तो
खुद ही फौजी होता है
माँ बाप कलेजे पत्थर रखकर
बेटे को सरहद पर भेजता है
इस धरती की हर पत्नी चाहे
मेरा पति एक फौजी हो
फौजी का बेटा खुद को
सबसे धनवान समझता है
फौजी का परिवार तो
खुद ही फौजी होता है
इस धरती माँ की गोदी में
सदा वीर की हो मेरी पहचान
बस इतना ही कर दो हे भगवान
पूरे हो जाएं सारे अरमान
मैं सोया रहूँ पुष्प सेज पर
जय जय कार करे सारा हिन्दुस्तान
गुणगान करे मेरा देश महान
मुझे वीर कहे सारा संसार...

तू क्या जाने

तू क्या जाने जब किसी को मान लो दिल से अपना जब बन जाये बस वही आखिरी सपना तो अधूरेपन का अहसास होता है जब वो नहीं अपने साथ होता है। तू क्य...