हमने तो बस इश्क किया था
फिर बिमार कैसे हो गए
और तूने तो बस खेल खेला था
फिर मेरे जीने का आधार कैसे हो गए
हालात तो हैं बदलते रहते
पर हम ना क्यूँ बदल पाए
तू बस चुका है मुझमें ऐसे
कि तेरे बिन ना हम संभल पाए
फिर सोचा चलो जी लेंगे तेरे बिना
तो अब लाचार कैसे हो गए
और तूने तो बस खेल खेला था
फिर मेरे जीने का आधार कैसे हो गए
हादसे होते रहते हैं ज़िन्दगियों मेंं लोगों के
तू हादसा ही था मेरी ज़िन्दगी का
कुछ बातें अपने बस में नहीं होतीं
कभी आसरा होता है खुदा की बंदगी का
प्यार किया था सिर्फ प्यार तुमसे
तो फिर गुनहगार कैसे हो गए
और तूने तो बस खेल खेला था
फिर मेरे जीने का आधार कैसे हो गए
कभी सोचा था कि मुझसी पागल मिलेगी कभी
जो बस तुझको ही दुनिया संसार मानेगी
ज़िन्दगी के बहाने ढूढेगी तुझसे
तुझे ही जीवन का आधार मानेगी
नहीं ना क्यूँके तूने खेला था खेल
फिर मेरे दिलदार कैसे हो गए
हाँ और तूने तो बस खेल खेला था
फिर मेरे जीने का आधार कैसे हो गए
रूठ गई मेरी खुशियाँ अब तो
जब से रूठ के गया है तू
रूठा था या ढोंग किया था
या मुझे छोड़ने का बहाना किया है तू
आह बहती रही बिन धार प्रवाह के
प्यार में वो कतवार कैसे हो गए
और तूने तो बस खेल खेला था
फिर मेरे जीने का आधार कैसे हो गए
इस मिट्टी के ज़िस्म की चाह थी तुमको
पति पत्नी का खेल खेलना था तुमको
तो कर लेते ना शादी मुझसे
क्या इतना भी हक नहीं था मुझको
हाँ शादी की ही बात तो की थी
फिर तुम कितने लाचार कैसे हो गए
पर तूने तो बस खेल खेला था
फिर मेरे जीने का आधार कैसे हो गए
इस नश्वर ज़िस्म की चाह में प्यार मेरा ठुकरा दिया
ख्वाहिशें थी हजार मेरी भी ठोकर मार कर बिखरा दिया
नहीं जाना था प्यार है या बस वासना का खेल है
छूना छुआना तो होना ही था पहले ही झटका दिया
प्यार को प्यार समझना क्या इतना मुश्किल है
तो फिर ये सारे रिश्ते ईमानदार कैसे हो गए
उफ् भूल गई तूने तो बस खेल खेला था
पर मेरे जीने का आधार कैसे हो गए
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