मैं भी एक लवस्टोरी जीना चाहती हूँ
पर लव करने वाला कोई मिला नहीं
शरीर की चाह के तो बहुत मिले
पर मुझे चाहने वाला कोई मिला नहीं...
इंतजार आज भी उस दिव्यपुरुष का
जो मेरा हो मेरे जैसा हो
खास उसमें कुछ नहीं चाहिए
बस मेरे शिव के जैसा हो
पर भीड़ के इस विशाल समंदर में
मुझे मुझ जैसा कोई मिला नहीं...
मिले बहुत इस इंतजार की राह में
बोले ब्वायफ्रेण्ड बनना चाहूँ मैं
मैंने तो कुछ को मौके भी दिए
मिला नहीं जिसे दिल से चाहूँ मैं
कहीं भूल तो नहीं गया पैदा होना
आह! तब तो फिर कोई गिला नहीं....
प्यार का नाटक रोज मैं देखती
नाटक... हाँ नाटक ही तो है
जिस प्यार की नुमाइश होती
वो प्यार नहीं दिखावट ही तो है
कपल्स को देख कर चिढ़ होती
तो क्या मेरे लिए कोई बना नही...
जिस दिन आया मेरी ज़िन्दगी में
एक डण्डा उठा कर बहुत मारूँगी
लूँगी बीते दिनों के सारे हिसाब
और सारी कसर निकालूँगी
पर कब आएगा नहीं खबर
कोई खबरी अब तक मिला नहीं...
दिन डूब चुका अब रात ढ़ल रही
तेरे इंतजार में मेरी जां निकल रही
बरसों बरसों तो बीत गये
अब तो आ जा मेरी साँस थम रही
मेरी थमती साँसों को रोकने वाला
कोई वैद्य आज तक मिला नहीं...
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