तेरी आदत जो पड़ गई है मुझे
जैसे लत लगी हो शराब की।
मैं जागती अंधेरी रातों में क्यों
जरूरत है बस तेरे जवाब की।।
तेरे बिना ओ मेरे साँवरिया
ये दुनिया अच्छी लगती नहीं
मैं कब थिरकूँगी ताल पर तेरी
इंतजार की घड़ियाँ बीतती नहीं।।
जैसे लत लगी हो शराब की।
मैं जागती अंधेरी रातों में क्यों
जरूरत है बस तेरे जवाब की।।
तेरे बिना ओ मेरे साँवरिया
ये दुनिया अच्छी लगती नहीं
मैं कब थिरकूँगी ताल पर तेरी
इंतजार की घड़ियाँ बीतती नहीं।।
घूम फिर कर मेरी नज़रे क्यूँ
तुझपे ही आके ठहरती हैं।
जैसे तुझ सा कोई नूर नहीं
दिल में बस एक यही बात रहती है।।
तुझपे ही आके ठहरती हैं।
जैसे तुझ सा कोई नूर नहीं
दिल में बस एक यही बात रहती है।।
मैं कागज का कोरा टुकड़ा
तूने नाम जो अपना लिख डाला है।
इस जनम में मैं बस तेरी हो गई
बस तू ही मेरा रखवाला है।।
तूने नाम जो अपना लिख डाला है।
इस जनम में मैं बस तेरी हो गई
बस तू ही मेरा रखवाला है।।
मैं शब्दों की जंजीर में उलझी
खुद की बातें क्या कह पाऊँगी।
जाते जाते ग़र सोचा होता
क्या तेरे बिना मैं रह पाऊँगी।।
खुद की बातें क्या कह पाऊँगी।
जाते जाते ग़र सोचा होता
क्या तेरे बिना मैं रह पाऊँगी।।
मैं पत्थर हूँ कोहिनूर नहीं
जो दिलों पर मैं राज करूँ।
खुद की दुनिया जब उजड़ चुकी
तो औरों को क्या आबाद करूँ।।
जो दिलों पर मैं राज करूँ।
खुद की दुनिया जब उजड़ चुकी
तो औरों को क्या आबाद करूँ।।
रंगरलियों की आदत हो जिन्हें
उन्हे जल तो फीका लगता है।
रंगों की तो बात क्या करना
जल में ही मिलकर रंगता है।।
उन्हे जल तो फीका लगता है।
रंगों की तो बात क्या करना
जल में ही मिलकर रंगता है।।
सरसराहटें हैं कपकपाहटें अजीब है
इश्क की हवा में कुछ बातें अजीब हैं।
तेरे होने का अहसास जो कराती है मुझे
बेहोशी का है आलम फिर भी चाहतें नसीब हैं।।
इश्क की हवा में कुछ बातें अजीब हैं।
तेरे होने का अहसास जो कराती है मुझे
बेहोशी का है आलम फिर भी चाहतें नसीब हैं।।
दूरियाँ ये फासले ग़र कम न हो सकें तो क्या
तेरे मेरे इश्क के ग़र फूल न खिल सकें तो क्या।
हाथ में गर हाथ तेरा, फिक्र फिर किस बात की
चाहतें हजार हैं, ग़र पूरी न हो सकें तो क्या।।
तेरे मेरे इश्क के ग़र फूल न खिल सकें तो क्या।
हाथ में गर हाथ तेरा, फिक्र फिर किस बात की
चाहतें हजार हैं, ग़र पूरी न हो सकें तो क्या।।
प्यार की मुलाकात होगी ग़र कभी सनम
चाहतें हजार होंगी बातें भी ना होगी कम।
धड़कनों का राज होगा होंठों पर भी राज होगा
तो क्या हो ग़र मिल के भी ना मिल पाएं हम?
चाहतें हजार होंगी बातें भी ना होगी कम।
धड़कनों का राज होगा होंठों पर भी राज होगा
तो क्या हो ग़र मिल के भी ना मिल पाएं हम?
तेरी तस्वीरों को छिपा के रखा है
जैसे छिपाया हो कोई खजाना।
खोल कर देखती भी तभी हूँ
जब सो जाता है सारा जमाना।।
जैसे छिपाया हो कोई खजाना।
खोल कर देखती भी तभी हूँ
जब सो जाता है सारा जमाना।।
शोर उठता है जो दिल के तूफान का
कहे कोई मेरी बर्बादी के बखान का
हर एक छण बीत रहा तेरी जुदाई में
कोई रास्ता ही बता दे श्मशान का..
कहे कोई मेरी बर्बादी के बखान का
हर एक छण बीत रहा तेरी जुदाई में
कोई रास्ता ही बता दे श्मशान का..
क्यूँ हर दुआ में शामिल तेरा नाम है
तेरे बारे में सोचना मेरा बस काम है।
प्यार में होता है अक्सर ये क्यूँ बता
जलता है कोई, होता बदनाम है।।
तेरे बारे में सोचना मेरा बस काम है।
प्यार में होता है अक्सर ये क्यूँ बता
जलता है कोई, होता बदनाम है।।
No comments:
Post a Comment