कोई खफ़ा है ना मिलने से
कोई उदास है के बात ना हुई
बोल तुझसे मैं क्या क्या होऊँ
के इस विरह में जल के राख हुई।।
दुनिया में देखूँ प्यार ही प्यार
मेरा प्यार न जाने कहाँ खो गया
सोचा था खूब करूँगी प्यार मैं तुझसे
जो सोचा ना कभी वैसा हो गया।
तुझे ढूंढती रही औ तड़पती रही
मेरे सपनों का सारा नूर ले गया
क्या बोलूँ क्या कहूँ ओ हरजाई
मेरी ज़िन्दगी का सारा गुरूर ले गया।।
यादें जो दिल में बसी रह गई
उन यादों में जीना दुश्वार हो रहा
तू माने ना माने तुझसे कह तो रही
तुझसे बेइंतहाँ बेसुमार प्यार हो रहा।।
तू मुझमें रहे औ मैं तुझमें रहूँ
तेरे लौटने का बेसब्री से इंतजार हो रहा।
तू आएगा जरूर मेरे दिल को है यकीन
अभी तेरे बिन ए दिल बिमार हो रहा
अब तेरे बिन जीना दुश्वार हो रहा।।
प्यार है एक बिमारी है
जिसमें डूबी दुनिया सारी है
क्यूँ होता है ऐसा कि
किसी का इंतजार होता है
कोई अजनबी कैसे खुद से
दो चार होता है
आदतें पड़ती हैं छणों में
न छूटने वाली
आने वाला ए कैसा तूफान होता है
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