शिव सा उसको देखा था
चाहत भी शिव की ही थी
शिव सा सुन्दर शिव सा भोला
छाया भी शिव की ही थी
शिव सा रूप शिव के अनुरूप
बातें भी शिव सी ही थी
शिव सा मेरा प्रियतम भी था
आदतें भी शिव सी ही थी
रौद्र रूप भी शिव जैसा था
मन स्थिर भी शिव सा था
शिव जैसा ही रंग साँवरा
करुण हृदय भी शिव सा था
क्रोध शिव सा विद्रोह भी शिव सा
शिव के जैसा तेज भी था।
गुस्सा भी करता था शिव सा
शिव के विपरीत बस प्रेम ही था
शिव नाम
शिव ही तो है जो मेरी यादों में बसा है
शिव ही तो है जो मेरे जीने की वजा है
शिव के बिना तो मेरा सारा जग सूना सूना
शिव ही तो है जो मेरा प्रियतम प्राण है
शिव ही तो हैं जिन्हें पूजती मैं सुबह शाम
शिव के बिना मेरी कुछ नहीं पहचान
शिव सा नहीं कोई दुनिया में खेवइया सखी
शिव से है जुड़ा देखो अब मेरा नाम
शिव मेरे सखा सैयाँ
शिव की बनूँ दुल्हनियाँ
शिव के लिए जिऊँ
शिव ही हों मेरी दुनियाँ
शिव नाम ऊँकार का
मेरे जीने के आधार का
शिव हैं भोले भंडारी
शिव नाम हो प्यार का
अभिषेक करूँ तिलक करूँ
सुबह शाम भजन करूँ
प्रेम की जोगन सी
शिव नाम स्मरण करू...।
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